Connect with us

पिता – अजय प्रसाद

शब्द नहीं   परिवार  पिता  है
खामोशी   से  प्यार  पिता  है ।

जग जाहिर है माँ की  ममता
मगर असली आधार पिता है ।

धूप,बारिश,सर्दी से बचने को
जैसे छत और दीवार पिता है ।

पीढ़ी दर पीढ़ी  की  निशानी
रीति-रिवाज संस्कार पिता है ।

हो  हैसियत कुछ भी जहां में
बच्चों के लिए संसार पिता है ।

माँ की तारीफें करता हर कोई
पर असल में हकदार  पिता है ।

-अजय प्रसाद

Facebook Comments
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending