Connect with us

माँ – अजना  गावकर “अंजू”

कितने ही दुःख दर्द में

हसना अपनी आदत बना लेती हो तुम

उस हसीन चेहरे के पीछे

अपना रोता हुआ चेहरा छुपा लेती हो तुम

 

माँ जब बिमार होती है

तब दवाई तो दे देते है उसे

क्या ? कभी उस माँ की

खुद दवा बनी है कभी

 

अजना  गावकर “अंजू”

(गोवा)

 

Facebook Comments
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending