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हमारा परिचय

भारत देश में भिन्न भिन्न धर्म,भाषा,विषय होने के कारन अनेक लेखक हुए है। जिन्होंने अपनी बोली के अनुसार  हिंदी और उर्दू की सेवा की है, इनमे तुलसीदास, सूरदास, कबीर, ग़ालिब, दिनकर, प्रेमचंद्र, फ़िराक, गुलज़ार आदि साहित्य जगत के आकाश में जड़ित तारे के सामान है। इन सभी कलमकारों की अंदाज़ ही निराला है। इसी प्रकार साहित्य की सेवा करने के लिए हमने इन सभी कलमकारों के सामगान बिंदु को “कलमकोश” नाम दिया है ।

इसी प्रकार साहित्य की सेवा करने के लिए हमने इस मंच की स्थापना की और “कलमकोश” में “कोश” शब्द का प्रयोग अनेक जगह होता है और हर जगह उसका अपना अर्थ और भाव है। वैसे इस शब्द का अर्थ “शब्दसंग्रह” (lexicon) है। कलमकोश का अर्थ है कलम और शब्दसंग्रह, एक आंगन जिसमे कलम के द्वारा साहित्य जगत के महारथियों का समागम बिंदु है। कलमकोश में नगीनो की चमक तो होगी ही साथ ही उगते सूर्य की किरणे भी जिन जिन कणो को प्रकाश पुँज के रूप में स्थापित करेगी उनके इस साहित्य सागर में मिलने की पूर्ण सम्भावनाये होंगी। हमारे भारत के अनेक कवि जिनके काव्य अब शिलालेख में परिवर्तित हो गए है। उभरते हुए लेखकों लिए समस्त ऋचाएं लेखन का मंच है। भजन,कविता,ग़जल,व्यंग,कहानी, रिपोतार्ज़, जीवनी, आत्माकथा, रेखाचित्र, संस्मरण, देशाटन, एकांकी, यात्रा वृतांत, पत्र, विशेष टिप्पड़ी, पाकविधि और भी बहुत कुछ का मंच है। इसमें हिंदी की समस्त उपभाषाओं का भी स्वागत है । हम उन सारे लेख को सम्मिलित करेंगे जो आप के द्वारा रचित है या आपके स्वजन  द्वारा रची हो । हम सभी की भावनाओं का सम्मान करते हैं, यदि लेख में किसी प्रकार की चोरी पाई जाती है तो उस लेख को हम प्रकाशित नहीं कर पाएंगे, इसके लिए हम आप से क्षमा चाहते हैं ।

 कलमकोश साहित्य मंच आपके लिए हिंदी-उर्दू के महान कवियों और शायरों के साथ-साथ नए युवा कवियों और शायरों के लिए भी समागम बिंदु है। इसमें हिंदी की समस्त उपभाषाओं का भी स्वागत है |इस मंच का प्रमुख उद्देश्य नये कवियों की रचनाओं को एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना है जहाँ उन रचनाओं की उचित समीक्षा हो सके तथा भरपूर प्रोत्साहन मिल सके। यह सभी हिन्दी-उर्दू भाषा के कवियों को समर्पित है जो हिन्दी-उर्दू को उच्चतम शिखर पर पहुँचाने के लिये अग्रसर है। आप सभी का इस मंच में हार्दिक स्वागत है। अपनी स्वयं रचित रचना भेजने के लिए हमें [email protected] पर मेल करें।

नोट : कलमकोश में आप किसी दूसरे की रचना को/ वीडियो को/चित्र को अपने नाम से प्रस्तुत न करें,ये भी एक प्रकार की चोरी है तथा भेजी हुई रचना आपकी स्वरचित होनी चाहिए या आपके प्रियजन की हो तो उनका नाम स्पष्ट करें! किसी और की रचना अपने नाम से भेजने पर आपको इस पटल से अर्थात वेबसाइट से स्थायी रूप से निष्कासित कर दिया जायेगा! इस रचना/वीडियो/तस्वीर को अपलोड करने के साथ ही आप ये स्वीकार करते हैं कि आपको कलमकोश की शर्तें और सामाजिक दिशा निर्देश स्वीकार हैं। इसके साथ ही आप ये भी जिम्मेदारी लेते हैं कि ये रचना/वीडियो/चित्र किसी दूसरे व्यक्ति, वस्तु या स्थान से जुड़े कॉपीराइट व बौद्धिक संपदा अधिकारों की चोरी नहीं है। ऐसे किसी तथ्य का पता चलने पर इस बारे में होने वाली कानूनी कार्रवाई के लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे। कलमकोश इस कृत्य में किसी तरह से उत्तरदायी नहीं होगा। साथ ही कलमकोश आप से किसी प्रकार के धन की मांग नहीं करता है। किसी के बहकावें न आये ।